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  परीक्षाओं एवं उपस्थिति की अपेक्षाएँ
   
  प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में सेमेस्टर परीक्षाएँ आयोजित किया जायेगा ।
 
 
   
  उक्त सेमेस्टर अवधि में 90% उपस्थिति हामिल होने पर ही, किसी भी छात्र को एक विषय / परीक्षा व्यावहारिक के लिए सेमेस्टर परीक्षा में उपस्थित होने की अनुमति दी जायेगी ।
   
  उसके / उसकी आचरण संतोषजनक होना चाहिए ।
   
  तथापि, केन्द्र प्रभारी के विवके से, 90% से कम तथा 80% से अधिक उपस्थित हासिल करनेवाले प्रशिक्षणार्थी को “निम्न सेमेस्टर ब्रेक के दौरान उपस्थिति की कमी की पूर्ति की जायेगी” जैसे एक वचन देने पर अनुमति दी जायेगी, अन्यथा उनके परिणाम को स्थगित रखा जायेगा ।
   
  80% से कम उपस्थिति होनेवाले प्रशिक्षणार्थियाँ किसी भी परिस्थिति में सेमेस्टर परीक्षाएँ लिखने के लिए पात्र नहीं होंगे ।
   
  निम्न सेमेस्टर ब्रेक में 80% से कम उपस्थिति होनेवाले प्रशिक्षणार्थियों को अगले सेमेस्टर से अपना अध्ययन जारी करने से विवर्जित किया जायेगा ।
   
   
  सेमेस्टर परीक्षा / मूल्यांकन
   
  सिद्धांत एवं व्यावहारिक / संगोष्ठी / परियोजना / मौखिक दोनों के लिए सेमेस्टर परीक्षा के अंत में आयोजित किया जायेगा ।
   
  मूल्यांकन की योजना आंतरिक मूल्यांकन एवं सेमेस्टर परीक्षा द्वारा किया जाता है ।
   
  अधिकतम 40 / 50 / 100 अंकों के लिए प्रत्येक विषय / व्यावहारिक के अंतरिक्त मूल्यांकन / सत्र का अंक संबंधित संकाय द्वारा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी के निरंतर के आधार पर दिया जाता है ।
   
  प्रत्येक विषय / व्यावहारिक के लिए सेमेस्टर परीक्षा 60 अंकों के लिए आयोजित किया जाता है ।
   
  संगोष्ठी / परियोजना / मौखिक परीक्षा मधिकतम 100 अंकों के लिए आयोजित किया जाता है ।
   
  किसी भी विषय में हारनेवाले प्रशिक्षणार्थी को बचे हुए विषयों को पूरक परीक्षा में उपस्थित होकर पूर्ण करना है एवं किसी भी ब्रेक के बिना अध्ययन जारी करने के लिए अनुमति है । पूरक परीक्षा अनेक बार लिख सकते हैं । उसमें कोई सीमा नहीं है ।
   
  तथापि, उसको अध्ययन की पूर्ति की तारीख से दो वर्षों की अवधि में बचे हुए विषयों को पूर्ण करना है । वरन उपरोक्त दो वर्षों की अवधि के बाद वह पूरक परीक्षाओं में उपस्थित होने का पात्र नहीं होगा ।
   
   
  पास होने की अपेक्षाएँ
  अगर छात्र आंतरिक मूल्यांकन तथा सेमेस्टर परीक्षा दोनों में (सिर्फ सिद्धांत एवं व्यावहारिक के लिए) सिद्धांत में 40% एवं व्यावहारिक संगोष्ठी, परियोजना कार्य तथा मौखिक परीक्षाओं में 50% प्राप्त करें तो वह प्रशिक्षणार्थी का पास होना घोषित किया जाता है ।
   
  पूरक परीक्षा के मामले में, सिद्धांत में 40% एवं व्यावहारिक, संगोष्ठी, परियोजना कार्य तथा मौखिक परीक्षाओं में 50% निर्धारित कुल अंकों का अपेक्षित पास का अंक है ।
   
   
  पाठक्रम पूर्ण करने के प्रमाणपत्र जारी करना
  अंतिम सेमेस्टर को छोडकर सभी सेमेस्टर (सभी विषयों का जीतना) की सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ही प्रशिक्षार्थियों को पाठ्यक्रम पूर्ण करने का प्रमाणपत्र जारी किया जायेगा । पूर्व सेमेस्टरों में बकाया पेपर होनेवाले प्रशिक्षणार्थियाँ पाठ्यक्रम पूर्ण करने का प्रमाणपत्र पाने के लिए पात्र नहीं होंगे ।
   
   
  डिप्लोमा पुरस्कार
  सभी सेमेस्टरों के सभी विषयों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ही कोई भी प्रशिक्षणार्थी डिप्लोमा पुरस्कार पाने के लिए पात्र होंगे ।
   
  पाठ्यक्रम पूर्ण करने के तारीख से दो वर्ष में सभी सेमेस्टरों के बकाया विषयों को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर ही हारे हुए छात्रगण डिप्लोमा पुरस्कार पाने के लिए पात्र होंगे । वरन वे डिप्लोमा पुरस्कार के लिए पात्र नही होंगे ।
   
   
  सफल प्रशिक्षणार्थियों का वर्गीकरण
  यदि प्रशिक्षणार्थी प्रथम प्रयास में ही सभी सेमेस्टर परीक्षा पास हो जाय, तो सभी सेमेस्टरों में कम से कम 80% कुल अंक प्राप्त करनेवाले सफल प्रशिक्षणार्थी को डिस्टिंग्शन के साथ प्रथम श्रेणी में पास होने की घोषणा की जाती है ।
   
  यदि प्रशिक्षणार्थी प्रथम प्रयास में ही सभी सेमेस्टर परीक्षा पास हो जाय, तो सभी सेमेस्टरों में कम से कम 60% कुल अंक प्राप्त करनेवाले सफल प्रशिक्षणार्थी को डिस्टिंग्शन के साथ प्रथम श्रेणी में पास होने की घोषणा की जाती है ।
   
  सभी अन्य सफल प्रशिक्षणार्थियों को द्वितीय श्रेणी में पास होने की घोषणा की जायेगी ।
   
   
  डिप्लोमा प्रमाणपत्र का अंतिम तारीख
  सिपेट वेबसाइट में सेमेस्टर / पूरक परीक्षा परिणाम प्रकाशित होने के तारीख से दो महीने बाद ही डिप्लोमा प्रमाणपत्र प्राप्त करने हेतु आवेदनों को प्राप्त किया जायेगा ।
   
  टीप :
  वर्ष 2006-07 से चेन्नै में देय सिपेट कॉर्पोरेट खाता सं. 10565622390 में शुल्क के रूप में रु.100 की राशि हेतु डिमाण्ड ड्राफ्ट को संबंधित केन्द्रों द्वारा पारित छात्रों को डिप्लोमा प्रमाणपत्र जारी जायेगा एवं वर्ष 2005-06 के लिए तथा उससे पहले डिप्लोमा प्रमाणपत्रों को सिपेट कॉर्पोरेट जारी किया करते थे ।